Thursday, December 23, 2010

मुझसे प्यार मत करना


मेरे गुलशन से, उम्मीद-ए-बहार मत करना,
मैं हूँ पुर-खार, तुम, मुझसे प्यार मत करना.

चेहरा कितना भी हँसीं हो, सितम कर देता है,
न दिल ये फ़िदा करना, नज़रें चार मत करना.

अपने वजूद को, अपने में समेटे रखना अदम,
इश्क में फंस के खुद को, मिस्मार मत करना.

उसे भी, मोहब्बत होगी, तो दे ही देगा जवाब,
उसके क़दमों पे रख ग़ैरत, इज़हार मत करना.

वो तो शौक़ रखते हैं, आशिकों को तड़पाने का,
इंतज़ार तो करना, खुद को बेक़रार मत करना.

संदली से उस बदन में, रहे है फूल जैसा दिल,
शिकवा करके उस हँसीं को, बेज़ार मत करना.

सहरा में रहना बेहतर, बजाय कुरबत-ए-हुस्न,
कभी राह-ए-हुस्न में आदि', दयार मत करना.



[ Pur-khaar - Full of Thorns ]
[ Mismaar - Destroyed ]
[ Gairat - Self Respect ]
[ Bezaar - Displeased ]
[ Sehra - Desert ]
[ Qurbat - Nearness ]
[ Dayaar - Residence ]

1 comment:

  1. 2 cheezein kehna chahoonga..

    1) Meanings should be near where the word is used.. it becomes difficult to go down, read the meaning and come back.. it breaks the flow...

    2) Too much of urdu....

    And now comes the complements...

    You lines are pretty much equal in length and i feeel, now u r so expert in poetry, i am sure they're also in beher...

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