Sunday, January 11, 2009

तेरे रुखसार की कीमत, चुकाऊंगा सनम मैं फिर,
मोहब्बत में तेरी ये सर, झुकाउंगा सनम मैं फिर

कैसी
की शरारत तूने, मेरे दिल से पिछली रात,
भरी महफिल में यारो को, बताऊंगा सनम मैं फिर

मैंने जब वार दी खुशियाँ, सभी तेरी मोहब्बत पे,
तो क्यूँ उन खुशियों पे अब हक, जताऊंगा सनम मैं फिर

ये मेरा ज़ख्म--दिल है आखिरी, बस दीद तू कर ले,
तेरी चौखट पे आइन्दा, ना आऊंगा सनम मैं फिर

मेरी रुसवाई देती है, तुझे अब वास्ता सुन ले,
ना मेरी इल्तेज़ा तुझको,
सुनाऊंगा सनम मैं फिर

पशेमान ना रहे तू भी, गिला मुझको भी ना फिर हो,
चला जाऊंगा ना तुझको, रुलाऊंगा सनम मैं फिर

Saturday, January 10, 2009

मोहब्बत ...

कुछ इस कदर हावी, मोहब्बत है जवानी में,
गुमान होता है जैसे अब, लगी है आग पानी में।

बड़ी नज़दीकियाँ देखी हैं, हमने ज़ीस्त से गम की,
ज़रा सी पाई हैं खुशियाँ, मोहब्बत की कहानी में।

कभी हमने अजानें की थी, पाने की खुदा को पर,
मिले जबसे हैं उनसे हम, मज़ा है बे-ज़ुबानी में।

मेरे दिल के सफीने पर, नज़र अब आई सागर की,
बड़ी खुश ज़िन्दगी है अब, मज़ा है अब रवानी में।

बड़े नाजो से पाला है, ये शौक-ए-इश्क अब मैंने,
गुमां सब चूर अब होते हैं, उनकी मेहरबानी में।

भला क्यूँ इस कदर हैरां, ज़माना है मेरी साँसों पे,
मुझे तो जिंदगी दिखती है, उनकी हर निशानी में।

जो जलवे मैंने देखे हैं, खुदा भी देख ना पाया,
ना शरारे उन अदाओं के हैं, आब-ए-आसमानी
में।

मेरी तन्हाइयां लेकर, मुझे वो कर गए अपना,
महज़ वो चाहिए मुझको, मेरी इस जिंदगानी
में।



(Zeest - Life)
(Safeena - Boat)

Monday, January 5, 2009

जज़्बात ...

लड़ रहा है मुझसे जो, मेरा ही जज़्बात है,
चाहता हूँ हारना फिर, क्यूँ ये एहतियात है.

एक तनहा मैं नही हूँ, आज यारो बज्म में,
है अँधेरा रात भी है, और ये बरसात है.

चाहती हैं अर्ज़ करना, नज़रें लेकिन जाने क्यूँ,
रोकती है रूह जिसको, कौन सी ये बात है.

देखती है किसको मुड के, कदम यूँ पीछे किए,
बेवफा जो मुझसे हुई है, बस मेरी ही हयात है.

ऐ ज़माने ढूंढ़ ले जो, सानी हो इस हुस्न का,
इक तरफ़ मेरा सनम है,इक तरफ़ कायनात है.

मरते रहना दम-ब-दम यूँ, यादों के हाथों खुदा,
जिंदगी खैरात है ये, या की इक सौगात है.

इन्तेहा है ये तड़पने की, या है कुछ बाकी अभी,
अंजाम-ए-उल्फत है खुदा, या ये मौत की शुरुआत है.






(Ehtiyaat - Caution), (Bazm - Gathering or Mehfil)
(Hayaat - Life), (Saani - Competitor)
(Kaaynaat - Universe), (Khairaat - Charity)
(Saugaat - Prize or Reward), (Inteha - Extreme,Limit)