आ अपने शौक़ की मैं इन्तहां दिखाऊं तुझे,
तुझसे बावस्ता नज़र में जहां दिखाऊं तुझे.
चल मेरे साथ चमन में, गुलों से मिलवाऊं,
खुदाई मरती है तुझ पे, समां दिखाऊं तुझे.
इक बियाबाँ सा था जो आज हुआ है रौशन,
तेरा मिसाल'ए'करम वो मकां दिखाऊं तुझे.
नाम से तेरे मुझे अब याद करती है दुनिया,
साँसों के रास्ते आ, तेरे निशाँ दिखाऊं तुझे.
इक फज्ल आ मेरी बाहों को तू अता कर दे,
टूटना इश्क में, फिर मेरी जाँ, दिखाऊं तुझे.
लगा हूँ चूमने हर ज़र्रा मैं, सोचकर तुझको,
हर तरफ, तू ही है, कहाँ-कहाँ दिखाऊं तुझे.
बातें सब कहना लबों से, नामुमकिन आदि',
आहें महसूस कर, कैसे अरमाँ दिखाऊं तुझे.
| Shauq - Desire | Bawasta - Related to | Fazl - Reward or Kindness |
|Armaan - Desires |
तुझसे बावस्ता नज़र में जहां दिखाऊं तुझे.
चल मेरे साथ चमन में, गुलों से मिलवाऊं,
खुदाई मरती है तुझ पे, समां दिखाऊं तुझे.
इक बियाबाँ सा था जो आज हुआ है रौशन,
तेरा मिसाल'ए'करम वो मकां दिखाऊं तुझे.
नाम से तेरे मुझे अब याद करती है दुनिया,
साँसों के रास्ते आ, तेरे निशाँ दिखाऊं तुझे.
इक फज्ल आ मेरी बाहों को तू अता कर दे,
टूटना इश्क में, फिर मेरी जाँ, दिखाऊं तुझे.
लगा हूँ चूमने हर ज़र्रा मैं, सोचकर तुझको,
हर तरफ, तू ही है, कहाँ-कहाँ दिखाऊं तुझे.
बातें सब कहना लबों से, नामुमकिन आदि',
आहें महसूस कर, कैसे अरमाँ दिखाऊं तुझे.
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