नाराज़, हुस्न हो तो क्या, काविश किया करे,
क़यामत है दिल खुद अगर, साजिश किया करे.
यारो हिसाब रखते हैं, उल्फत का नादाँ लोग,
बिस्मिल ही क्या जो ऐसी, पैमाइश किया करे.
है ये, अहवाल अगर जीने का, उनसे जुदाइयाँ,
तो दिल, दुआ में मौत की, ख्वाहिश किया करे.
हाथों में सबके, आज कल, पुर-ज़ोर है नमक,
ज़ख्मों की अदम, न कभी, नुमाइश किया करे.
उस आसमाँ का निगहबाँ, बस परवरदिगार है,
जिस आसमाँ में, चाँद ख़ुद, गर्दिश किया करे.
नश्तर है नज़र जिसकी, जुल्फें हैं इक कफस,
सिफारिश, रहम की कैसे, ताबिश किया करे.
सुर्खी-ए-दिल दिल से जाना, संवारो हुस्न को,
लगा गुल'ए'वफ़ा ज़ुल्फ़ में आराइश किया करे.
जो अश्क ही सुलगाएं, आग, सीने में 'आदि',
आतिश की खता क्या, क्या बारिश किया करे.
[ Kavish - Thought ]
[ Paimaaish - Measuring ]
[ Nigahbaan - Guard ][ Gardish - Bad times ]
[ Kafas - Cage/Prison] [ Tabish - Grief/Sorrow]
[ Aaraish - Decoration/ Beauty ]
[ Aaatish - Fire ]
क़यामत है दिल खुद अगर, साजिश किया करे.
यारो हिसाब रखते हैं, उल्फत का नादाँ लोग,
बिस्मिल ही क्या जो ऐसी, पैमाइश किया करे.
है ये, अहवाल अगर जीने का, उनसे जुदाइयाँ,
तो दिल, दुआ में मौत की, ख्वाहिश किया करे.
हाथों में सबके, आज कल, पुर-ज़ोर है नमक,
ज़ख्मों की अदम, न कभी, नुमाइश किया करे.
उस आसमाँ का निगहबाँ, बस परवरदिगार है,
जिस आसमाँ में, चाँद ख़ुद, गर्दिश किया करे.
नश्तर है नज़र जिसकी, जुल्फें हैं इक कफस,
सिफारिश, रहम की कैसे, ताबिश किया करे.
सुर्खी-ए-दिल दिल से जाना, संवारो हुस्न को,
लगा गुल'ए'वफ़ा ज़ुल्फ़ में आराइश किया करे.
जो अश्क ही सुलगाएं, आग, सीने में 'आदि',
आतिश की खता क्या, क्या बारिश किया करे.
[ Kavish - Thought ]
[ Paimaaish - Measuring ]
[ Nigahbaan - Guard ][ Gardish - Bad times ]
[ Kafas - Cage/Prison] [ Tabish - Grief/Sorrow]
[ Aaraish - Decoration/ Beauty ]
[ Aaatish - Fire ]
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