तेरे आगोश में आऊँ तो कुछ बात बने,
तेरी रूह में खो जाऊँ तो कुछ बात बने.
नहीं है दुनिया के क़ाबू, मुझे सुकूँ देना,
दर्द मैं तुझको बताऊँ तो कुछ बात बने.
ब'राह नव्ज़ खून मेरा आँख तक आया,
मैं तुझे ज़ख्म दिखाऊँ तो कुछ बात बने.
सबा'ओ'रंग क्या देंगे मुझे रंगत वापस,
तुझे सीने से लगाऊँ., तो कुछ बात बने.
इबादतगाह में क्यूँ टेकूं मैं घुटने जाकर,
तुम्हें फ़रियाद सुनाऊँ तो कुछ बात बने.
तेरी निगार भी रहती है रूठी सी मुझसे,
जब तुझे रू-ब-रू पाऊँ तो कुछ बात बने.
ये मेरे अरमाँ बेकाबू नहीं जीने देते मुझे,
तिश्नगी लब से बुझाऊँ तो कुछ बात बने.
यूँ तो हैं लाख दिवाने तेरे इस 'आदि' के,
आ तुझे इश्क सिखाऊँ, तो कुछ बात बने.
[ Ba'Raah - Via/Through ]
[ Saba - Breeze ]
[ Ibaadatgaah - Mosque/ A place to Worship ]
[ Fariyaad - Complaint/Plea ]
[ Nigaar - Picture/Photo ]
[ Tishnagi - Thirst ]
तेरी रूह में खो जाऊँ तो कुछ बात बने.
नहीं है दुनिया के क़ाबू, मुझे सुकूँ देना,
दर्द मैं तुझको बताऊँ तो कुछ बात बने.
ब'राह नव्ज़ खून मेरा आँख तक आया,
मैं तुझे ज़ख्म दिखाऊँ तो कुछ बात बने.
सबा'ओ'रंग क्या देंगे मुझे रंगत वापस,
तुझे सीने से लगाऊँ., तो कुछ बात बने.
इबादतगाह में क्यूँ टेकूं मैं घुटने जाकर,
तुम्हें फ़रियाद सुनाऊँ तो कुछ बात बने.
तेरी निगार भी रहती है रूठी सी मुझसे,
जब तुझे रू-ब-रू पाऊँ तो कुछ बात बने.
ये मेरे अरमाँ बेकाबू नहीं जीने देते मुझे,
तिश्नगी लब से बुझाऊँ तो कुछ बात बने.
यूँ तो हैं लाख दिवाने तेरे इस 'आदि' के,
आ तुझे इश्क सिखाऊँ, तो कुछ बात बने.
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